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सूरत में चुनाव के बाद कांग्रेस उम्मीदवार ने बयां किया दर्द, बताया- आखिरी समय में कैसे कटा उनका नाम

लोकसभा चुनाव 2024 में आखिरी समय पर अपना नाम वापस लेने वाले कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा है कि उन्होंने पार्टी के साथ कोई गद्दारी नहीं की। बल्कि पार्टी ने ही उनके साथ गद्दारी की थी। गुजरात के सूरत से कांग्रेस उम्मीदवार निलेश कुंभानी की उम्मीदवारी आखिरी समय पर अखारिज कर दी गई थी।  इसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए कोशिश नहीं की और बीजेपी उम्मीदवार को आसान जीत मिल गई। इस वजह से पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया।

21 अप्रैल को नामांकन रद्द होने के बाद वह गायब हो गए थे और चुनाव खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ उसके लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है।

2017 की कहानी सुनाई

नीलेश कुंभानी ने 2017 की कहानी सुनाई और इशारों में यह कहते नजर आए कि सात साल पुरानी घटना का बदला उन्होंने अब लिया है। उन्होंने बताया कि 2017 में विधानसभा का टिकट मिलने के बाद उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। हालांकि, नामांकन के समय उनकी जगह किसी अन्य उम्मीदवार को टिकट दे दिया गया। 

पार्टी के नेताओं की वजह से वापस लिया नाम

नीलेश ने बताया कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार थे और प्रचार कर रहे थे। हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं को इससे परेशानी थी। उनका कहना था कि वह आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ क्यों प्रचार कर रहे हैं। दोनों पार्टियां गठबंधन में हैं। ऐसे में प्रचार करने में क्या परेशानी हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने उन्हें परेशान करना जारी रखा और उन्होंने इन्हें सबक सिखाने की सोच ली। उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन रद्द होने के बाद वह कानूनी प्रक्रिया के लिए अहमदाबाद जा रहे थे, लेकिन कुछ नेताओं ने उन पर गद्दारी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने सही मायन में चुनाव लड़ने का विचार छोड़ दिया।

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