Uttarakhand

चरम पर आस्था…पंजीकरण की संख्या 26 लाख पार, दर्शन के लिए धामों में उमड़ रही भीड़,

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा सोमवार को 26 लाख को पार कर गया। पंजीकरण का यह रिकॉर्ड 15 अप्रैल से 13 मई के बीच कायम हुआ है। वहीं, बीते चार दिनों में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में दो लाख से ज्यादा पहुंच गई है। 

चारधाम यात्रा को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रदेश में अब तक करीब 26 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री पंजीकरण करा चुके हैं। पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने बताया, सोमवार शाम चार बजे तक 26 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण करा लिया है। चारधाम पंजीकरण की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की गई थी।

प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधा मुहैया कराने के लिए मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश को सभी अधिकारी गंभीरता से पालन कर रहे हैं।

पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने बताया, फर्जी वेबसाइट के जरिए ठग लोगों से ठगी भी कर रहे हैं। इन सभी फर्जी वेबसाइट पर एसटीएफ और साइबर सेल की नजर है। इन्हें बंद कराया जा रहा है।

कहा, हेली सेवा की बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों से ठगी के मामले अक्सर सामने आते हैं। इसको रोकने के लिए पिछले साल से आईआरसीटीसी के जरिए ही हेली सेवाओं की बुकिंग की जा रही है। 

उधर, चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने बताया, धामों में भीड़ प्रबंधन के लिए पुख्ता व्यवस्था नहीं है। चारधाम यात्रा के पंजीकरण के लिए मारामारी चल रही है। प्रदेश सरकार ने यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया है, लेकिन यात्रा मार्गों पर कहीं भी पंजीकरण की न तो चेकिंग हो रही है और न ही कोई पूछने वाला है।

धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लग रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए मई माह में यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण फुल हो चुके हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए संख्या निर्धारित है। प्रदेश सरकार व पर्यटन विभाग ने बिना पंजीकरण यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरिद्वार व ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है।

जहां पर पंजीकरण कराने के लिए मारामारी है, लेकिन यात्रा मार्गों पर कहीं पंजीकरण की चेकिंग नहीं हो रही है। चारोंधामों में तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए लाइन में घंटों खड़ा न होना पड़े, इसके लिए टोकन व स्लॉट व्यवस्था की गई, लेकिन धामों में तीर्थयात्रियों की दो से तीन किमी लंबी लाइन लग रही है। 

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