बच्चा चोर गैंग का पर्दाफाश, बच्चों को जमूरा बनाकर दिखाते थे मदारी का खेल, पांच गिरफ्तार

जीआरपी पुलिस ने छोटे बच्चों का अपहरण कर उन्हें मदारी के खेल में जमूरा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हरियाणा के मदारी गिरोह में शामिल पति-पत्नी और उनके तीनों बेटों को गिरफ्तार कर उनके चंगुल से दो छोटे बच्चों को मुक्त करवाया है। इनमें से एक बच्चे का अपहरण 10 साल पहले हुआ था और दूसरे 4 वर्षीय बच्चे का किडनैप हाल ही में कोटा रेलवे स्टेशन से किया गया था।
कोटा से अपहरण करने के बाद इस गिरोह के लोग पहले बच्चें को पहले भोपाल ले गए और फिर जयपुर डेरे में शिफ्ट कर दिया लेकिन बीती रात पुलिस ने जयपुर के मदारी और कचरा बीनने वालों के डेरों में सर्च ऑपरेशन चला गैंग का भंडाफोड़ कर दिया.
रेलवे पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक अनिल पालीवाल ने बताया कि बीती 6 मई को कोटा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से 4 वर्षीय बच्चे के अपहरण की सूचना मिली थी, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज चैक किए तो उसमें मासूम बच्चे को गोद में उठाकर कोटा स्टेशन से बाहर की तरफ जाते दो शख्स दिखाई दिए।
जीआरपी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण में त्वरित अनुसंधान कर अपहृत बालक को शीघ्र दस्तयाब करने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया, तभी पता चला कि अपहरणकर्ताओं की किसी बात को लेकर अन्य लोगों के साथ कहासुनी और झड़प हो गई है। इस इनपुट को डवलप करते हुए पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की पहचान सुनिश्चित की और जयपुर के भट्टा बस्ती, कच्ची बस्तियों के डेरों में छानबीन करके 4 वर्षीय बच्चे को सकुशल दस्तयाब किया और 5 आरोपियों को धर दबोचा।
जीआरपी पुलिस ने आरोपी प्रेम मदारी और उसकी पत्नी लज्जो के साथ उसके बेटे मुकेश मदारी, कर्ण मदारी और अर्जुन मदारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि शातिर आरोपियों में शामिल पति-पत्नी और बेटे हरियाणा के रहने वाले हैं और जयपुर में गंदे पानी के नाले के पास झुग्गी-झोपड़ी, रेलवे स्टेशन और फुटपाथ पर रहते हैं। सभी अपराधी मदारी का खेल दिखाते हैं और कभी-कभी शादी समारोह में बरतन मांजने व साफ-सफाई का काम भी करते हैं।
इतना ही नहीं इन्होंने एक मदारी गिरोह बना रखा था, जो बच्चों का अपहरण कर उसे मदारी के खेल में जमूरा बनाकर भिक्षावृत्ति का कार्य करवाते थे, लेकिन अब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।



