Madhya Pradesh

फिर सुर्खियों में मंदसौर, किसानों ने सड़क पर पोल गाड़कर रास्ता किया बंद, जानें क्या है नई मांग?

Mandsaur News: किसानों का कहना है कि अधिकारियों को सरकार के आदेश की भी परवाह नहीं है. सरकार की तरफ से फसल क्षति के सर्वे का आदेश जारी हो चुका है. प्रभावित गांवों में अभी तक टीम नहीं पहुंची है

Farmers Protest: मंदसौर में सर्वे टीम के नहीं पहुंचने से किसान नाराज हैं. उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. नाराज किसानों ने जाली लगाकर रास्ता बंद कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सौम्या और कचनारा गांव में अभी तक फसल क्षति का आंकलन करने के लिए सर्वे टीम नहीं पहुंची है. अधिकारियों को सरकार के आदेश की भी परवाह नहीं है. मल्हारगढ़ के रहने वाले किसान राधेश्याम ने बताया कि फसल क्षति की सूचना अधिकारियों को दी गई है.
अधिकारियों को किसानों की परेशानी से सरोकार नहीं है. सरकार की तरफ से आदेश जारी होने के बावजूद अभी तक सर्वे टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा नहीं किया है. समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क पर लोहे का पाइप गाड़कर किसानों ने रास्ता बंद कर दिया है. किसान विजय सिंह का कहना है कि अभी भी खेतों में पानी भरा है. सर्व होने से वस्तु स्थिति का पता चल जाता. जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अधिकारियों तक लगातार शिकायत पहुंचाई जा रही है.

सुनवाई नहीं होने पर फिर भड़के किसान

समस्या का समाधान नहीं होने पर मजबूरी में किसानों को विरोध के लिए सड़क पर उतरना पड़ा. बंद किया गया रास्ता ग्राम सौम्या को कचनारा से जोड़ता है. किसानों ने बताया कि सड़क निर्माण के वक्त भी विरोध किया था. सड़क बनने से पानी की निकासी नहीं हो रही है. बरसात का पानी किसानों के खेतों में जमा हो रहा है. शिकायत के लिए कलेक्टर अदिति गर्ग से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया. बता दें कि मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की बारिश का रौद्र रूप दिखाई दिया.

अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल प्रभावित

अतिवृष्टि से खेत खलिहान जलमग्न हो गये. नदी नाले और बांध भी लबालब भर गये. खेत में लगी सोयाबीन की फसल पर भी असर पड़ा. कांग्रेस प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग कर रही है. मोहन यादव की सरकार ने फसल क्षति के सर्वे का आदेश दिया है. मंदसौर में सर्वे टीम को सरकार के आदेश की परवाह नहीं है. मंदसौर जिला किसान आंदोलन की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहा है.

किसान आंदोलन के दौरान गोलियां चल गई थी. सोयाबीन का समर्थन मूल्य नहीं मिलने पर खेतों में ट्रैक्टर चलाकर फसल को नष्ट करने का भी मामला सामने आया था. किसानों के लिए कांग्रेस ने भी आंदोलन की शुरुआत मंदसौर से की थी. सुनवाई नहीं होने पर किसान लोट लगाकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा था. अब एक बार फिर प्रधानमंत्री योजना की सड़क बंद कर विरोध जताया है.

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