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आयुष्मान आरोग्य शिविर का 40% लक्ष्य भी नहीं हो सका पूरा, पढ़ें चौका देने वाली रिपोर्ट

प्रदेश सरकार ने आमजन को उनके निवास स्थान के पास ही निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित करने की घोषणा की थी। योजना के तहत 11,547 शिविरों का आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन केवल 7,573 स्थानों पर ही शिविर लग सके।

प्रदेश सरकार ने आमजन को उनके निवास स्थान के पास ही निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित करने की घोषणा की थी। योजना के तहत 11,547 शिविरों का आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन केवल 7,573 स्थानों पर ही शिविर लग सके। स्वास्थ्य विभाग की कमजोर क्रियान्वयन व्यवस्था के चलते हजारों लोग मुफ्त स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं से वंचित रह गए।
राज्य स्तर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े संभागों में शिविरों की प्रगति बेहद निराशाजनक रही। इन क्षेत्रों में पर्याप्त संसाधन और बेहतर स्वास्थ्य ढांचा होने के बावजूद शिविर नहीं लगाए जा सके। जिम्मेदारों ने इसके पीछे जनजागरूकता की कमी को एक बड़ा कारण बताया है, वहीं कई स्थानों पर प्रशासनिक लापरवाही और संसाधनों की कमी ने भी अभियान की रफ्तार धीमी कर दी।
कुछ जिलों ने पेश की मिसाल
जहां अधिकतर जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा, वहीं मंदसौर, सिवनी, हरदा, भिंड और होशंगाबाद जैसे जिलों ने शिविर आयोजन में बेहतर कार्य कर मिसाल पेश की। यहां स्थानीय प्रशासन ने समर्पित प्रयास किए, जिससे अधिकतम लाभार्थी योजना से जुड़ सके।
स्वास्थ्य सेवा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की यह पहल कागजों पर भले ही बड़ी दिखे, लेकिन ज़मीनी सच्चाई कमजोर रही। यदि समय रहते जनजागरूकता अभियान, संगठित प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी नहीं हुई, तो ऐसी योजनाएं आमजन तक नहीं पहुंच पाएंगी और अपने लक्ष्य से कोसों दूर रह जाएंगी।
प्रमुख जिलों में शिविर आयोजन प्रतिशत
मंदसौर: 99%
सिवनी: 94%
हरदा: 88%
भिंड: 86%
होशंगाबाद: 85%
भोपाल: 85%
शाजापुर: 85%
सीहोर: 83%
ग्वालियर: 66%
इंदौर: 55%
जबलपुर: 50%
चार हजार से अधिक स्थानों पर नहीं हुआ आयोजन
सरकार के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर शिविर आयोजित होना थे, लेकिन सिर्फ 7,573 स्थानों पर ही शिविर लग सके। इससे हजारों लोग मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह गए।

इसे भी पढ़ें- स्वास्थ्य जांच शिविर में बनाया गया आयुष्मान कार्ड

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