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तीसरा विश्वयुद्ध शुरू हो चुका है… रूस के पूर्व राष्ट्रपति का सनसनीखेज बयान, कहा- यूरोप पर बमबारी का आदेश दें पुतिन

मेदवेदेव ने अमेरिका और यूरोप पर रूस को "नष्ट" करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस से पश्चिमी देश घृणा करते हैं। रूस की राजनीति पर नजर रखने वाले कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि उनकी टिप्पणी मास्को के राजनीतिक वर्ग के कुछ लोगों की सोच का संकेत देती

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने ऐलान किया है कि तीसरा विश्वयुद्ध शुरू हो चुका है। दिमित्री मेदवेदेव, रूस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन हैं और पुतिन के सबसे करीबी लोगों में से एक हैं। पुतिन ने अपने दो कार्यकाल पूरे होने के बाद दिमित्री मेदवेदेव को ही रूस का राष्ट्रपति बनाया था और उन्हें पुतिन के हाथों की कठपुतली कहा जाता है। इसीलिए अगर दिमित्री मेदवेदेव ने तीसरे विश्वयुद्ध की घोषणा की है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी-चेयरमैन मेदवेदेव ने इस बात पर नाराजगी जताई कि नाटो और पश्चिमी देश पहले से ही रूस के साथ युद्ध में हैं और प्री-एम्पटिव एप्रोच अपनाते हुए रूस को यूरोपीय देशों में पहले बमबारी शुरू कर देनी चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को 50 दिनों के अंदर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की डेडलाइन दी है।
मेदवेदेव ने अमेरिका और यूरोप पर रूस को “नष्ट” करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस से पश्चिमी देश घृणा करते हैं। रूस की राजनीति पर नजर रखने वाले कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि उनकी टिप्पणी मास्को के राजनीतिक वर्ग के कुछ लोगों की सोच का संकेत देती है। मेदवेदेव ने नाटो और पश्चिमी देशों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वे रूस को “नष्ट” करना चाहते हैं और यह युद्ध अब ‘प्रॉक्सी’ से आगे बढ़कर ‘फुल-स्केल वॉर’ बन चुका है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ प्रतिबंधों और बयानबाजियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी मिसाइल, सैटेलाइट खुफिया और यूरोप के सैन्यीकरण के जरिए खुलकर युद्ध लड़ा जा रहा है।”
मेदवेदेव ने यूरोप पर दी हमले की धमकी
मेदवेदेव ने दावा किया कि पश्चिम देश रूस से नफरत करते हैं और इसीलिए वो रूस को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। इसी तर्क को आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि ‘पुतिन को यूरोप पर पहले हमले शुरू कर देने चाहिए।’ उन्होंने कहा कि “हमें अब पूरे तरीके से जवाब देना चाहिए और अगर जरूरत पड़ी तो प्री-एम्पटिव स्ट्राइक (पहले हमला) के लिए भी तैयार रहना चाहिए।” वहीं यह कहने के बावजूद कि रूस को पहले पश्चिम देशों पर बमबारी करनी पड़ सकती है, उन्होंने कहा कि रूस द्वारा नाटो पर आक्रमण करने का कोई भी सुझाव “पूरी तरह बकवास” है। वहीं रूस के डिफेंस एक्सपर्ट और नेशनल डिफेंस मैगजीन के संपादक इगोर कोरोचेंको ने रूसी टीवी पर कहा, कि ट्रंप की डेडलाइन से पहले रूस को यूक्रेन के पावर प्लांट, ऑयल रिफाइनरी और ईंधन डिपो जैसे बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर देने चाहिए ताकि कीव झुकने पर मजबूर हो जाए।
मेदवेदेव का बयान उस वक्त आया है जब फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की के साथ बातचीत के दौरान पूछा था कि क्या यूक्रेन, रूस के अंदर हमले कर सकता है। जिसपर जेलेंस्की ने ‘बिल्कुल’ में जवाब दिया था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को रूस के अंदर तक मार करने वाली मिसाइलें और दूसरे हथियार देने की बात कही है। ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई इस बातचीत के खुलासे के कुछ ही घंटे बाद रूस ने फिर यूक्रेन के सुमी ओब्लास्ट पर हमला किया, जिसमें एक विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया और 14-19 साल के छह छात्रों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

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