सिनेमा जगत एक बहुत बड़ा समंदर है जिसमें कई हीरे हैं। दर्शक अक्सर सिर्फ उन चेहरों को याद रखते हैं जो फिल्मों में लीड रोल निभाते हैं। लेकिन एक फिल्म में जितने भी लोग काम करते हैं सबकी अपनी एक पहचान और वजूद होता है। कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने कई फिल्मों में भले ही साइड रोल किया है लेकिन जब तक वे स्क्रीन पर रहे हैं लोगों को खूब एंटरटेन किया। ऐसे ही एक सितारे के बारे में आज हम आपको बताएंगे जिन्होंने कई बड़े सितारों और फिल्मों में काम किया लेकिन जब वे स्क्रीन से दूर हुए तो लोग उन्हें भूल गए।
हम बात कर रहे हैं जावेद खान अमरोही की। जिन्होंने लगभग 150 में फिल्मों में काम किया लेकिन वक्त के साथ लोग उन्हें भूल गए। हालांकि अगर ये स्क्रीन पर आएंगे तो सब इन्हें पहचान जाएंगे लेकिन इनका नाम और इनके संघर्ष के बारे में कम ही लोगों को पता होगा।
1949 में जन्मे जावेद का सपना क्रिकेटर बनने का था। बॉम्बे क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें अपनी टीम में सिलेक्ट भी कर लिया था हालांकि उसी वक्त उनके पिता का निधन हो गया जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति डगमगा गई। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट का सपना नहीं छोड़ा। आगे जाकर जावेद की किडनी में कुछ दिक्कत आ गई और डॉक्टर ने कहा कि वे आगे क्रिकेट नहीं खेल सकते। ऐसे में उनका ये सपना टूट गया और उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया।
दोस्त ने दी एक्टिंग करने की सलाह
इसके बाद उनके एक दोस्त ने सलाह दी कि वो कॉलेज के प्ले में हिस्सा लें। यहीं से उनका एक्टिंग का सफर शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने थिएटर भी जॉइन किया और हिंदी के साथ गुजराती भाषा में भी प्ले किए। आगे जाकर जावेद ने फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में एडमिशन ले लिया। इस कोर्स के पूरे होते ही उन्हें फिल्मों के ऑफर्स आने लगे
