टेक सेक्टर के लिए क्या थीं पिछले तीन बजट की बड़ी घोषणाएं? आगामी बजट से क्या हैं उम्मीदें

आपको बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक के लिए भारत में कच्चे माल का उत्पादन नहीं होता है। इसके लिए टेक कंपनियों को चीन जैसे देश पर निर्भर रहना होता है। आइए एक नजर डालते हैं कि 2021, 2022 और 2023 के बजट पर और जानते हैं कि पिछले तीन बजट में टेक सेक्टर के लिए क्या-क्या प्रमुख एलान हुए हैं?

1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश होने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण छठी बार बजट पेश करेंगी। पिछले कुछ बजट मेड इन इंडिया पर केंद्रित रहे हैं। इस बार भी बजट को लेकर उम्मीद की जा रही है कि मेक इन इंडिया के लिए कुछ बड़े एलान होंगे। टेक कंपनियों की मांग है कि इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जाए ताकि थोक में कच्चे माल का आयात हो सके। आपको बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक के लिए भारत में कच्चे माल का उत्पादन नहीं होता है। इसके लिए टेक कंपनियों को चीन जैसे देश पर निर्भर रहना होता है। आइए एक नजर डालते हैं कि 2021, 2022 और 2023 के बजट पर और जानते हैं कि पिछले तीन बजट में टेक सेक्टर के लिए क्या-क्या प्रमुख एलान हुए हैं?

टैबलेट पर बजट
आम बजट 2021 (Union Budget 2021) में बहुत कुछ ऐसा हुआ था जो कि इतिहास में पहली बार हुआ था। भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बजट की छपाई कागजों पर नहीं हुई। Budget 2021 टैबलेट पर पेश किया गया जो कि एक मेड इन इंडिया टैबलेट था, हालांकि टैबलेट किस ब्रांड का था इसका खुलासा आज तक नहीं हुआ।

बजट के लिए मोबाइल एप
साल 2021 में Union Budget के नाम से एक मोबाइल एप लॉन्च किया गया जो कि आज भी गूगल प्ले-स्टोर और एपल के एप स्टोर पर फ्री में उपलब्ध है। बजट पेश होने के बाद पूरे बजट की कॉपी को एप पर अपलोड किया गया था। आम बजट के इतिहास में यह भी पहली बार हुआ है जब सरकार ने बजट के लिए एक स्पेशल मोबाइल एप लॉन्च किया। इस एप को राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) ने तैयार किया है। यह एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा।

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बजट 2024 से क्या हैं उम्मीदें?

आगामी बजट को लेकर कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक आइटम सस्ते होंगे, क्योंकि आगामी बजट में सरकार इंपोर्ट ड्यूटी को कम कर सकती है। कुछ दिन पहले ही ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्टफोन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जा सकता है। रिसर्चर्स के मुताबिक सरकार के इस कदम से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा। यदि वास्तव में ऐसा होता है कि निश्चित तौर पर स्मार्टफोन सस्ते होंगे।

यदि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी में राहत देती है तो भारत का घरेलू उत्पादन 28 फीसदी तक बढ़ सकता है और स्मार्टफोन प्रोडक्शन का मार्केट 82 बिलियन डॉलर तक जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इंपोर्ट ड्यूटी में कमी के बाद प्रीमियम फोन ज्यादा सस्ते होंगे, हालांकि बजट फोन पर इसका कोई ज्यादा असर नहीं होगा।

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